G-12, G-14, Plot No-4 CSC, HAF Sector-10, Dwarka 110075 New Delhi IN
जे के पी लिटरेचर
G-12, G-14, Plot No-4 CSC, HAF Sector-10, Dwarka New Delhi, IN
+918588825815 https://www.jkpliterature.org.in/s/61949a48ba23e5af80a5cfdd/621dbb04d3485f1d5934ef35/logo-18-480x480.png" [email protected]
640445ad43b8429948905597 साधन साध्य - होली 2023 - हिन्दी https://www.jkpliterature.org.in/s/61949a48ba23e5af80a5cfdd/640445c712dafe98e4de48f7/1587.jpg

श्री गुरुवर की अनन्त स्मृतियों के साथ, भगवान् की सर्वव्यापकता का दिव्य सन्देश देते हुए, यह पर्व निष्काम प्रेम की ओर प्रेरित करता है। अपने अनेक प्रवचनों में प्रिय गुरुवर ने प्रह्लाद चरित्र के माध्यम से निष्काम प्रेम का सिद्धान्त समझाया है। सच्चा साधक भगवान् से कभी कुछ नहीं माँगता। अपने शरण्य की इच्छानुसार, नित्य सेवा की लालसा से ही जीवन व्यतीत करता है।

‘साधन साध्य’ पत्रिका में होली माहात्म्य के अतिरिक्त परम प्रिय गुरुवर के जन्मशताब्दी समारोह की कुछ विशेष झलकियाँ प्रकाशित की गई हैं। वे अविस्मरणीय, अद्वितीय, अनुपम पल जब हजारों साधकों के नेत्र सजल हो उठे और हृदय प्रेम विह्वल।

भक्ति धाम में किस प्रकार से यह ऐतिहासिक समारोह हर्षोल्लास से मनाया गया यह अवर्णनीय है। वाणी और लेखनी दोनों की सामर्थ्य नहीं है फिर भी आइये पढ़ते हैं इस स्वर्णिम समारोह के कुछ स्वर्णिम पलों की गाथा।

श्रीमद् सद्​गुरु सरकार की जय!

अनन्त शुभकामनाओं सहित!

Sadhan Sadhya Holi 2023
in stockUSD 200
1 1
साधन साध्य - होली 2023 - हिन्दी

साधन साध्य - होली 2023 - हिन्दी

भाषा - हिन्दी

$2.4


SHARE PRODUCT
प्रकारविक्रेतामूल्यमात्रा

विवरण

श्री गुरुवर की अनन्त स्मृतियों के साथ, भगवान् की सर्वव्यापकता का दिव्य सन्देश देते हुए, यह पर्व निष्काम प्रेम की ओर प्रेरित करता है। अपने अनेक प्रवचनों में प्रिय गुरुवर ने प्रह्लाद चरित्र के माध्यम से निष्काम प्रेम का सिद्धान्त समझाया है। सच्चा साधक भगवान् से कभी कुछ नहीं माँगता। अपने शरण्य की इच्छानुसार, नित्य सेवा की लालसा से ही जीवन व्यतीत करता है।

‘साधन साध्य’ पत्रिका में होली माहात्म्य के अतिरिक्त परम प्रिय गुरुवर के जन्मशताब्दी समारोह की कुछ विशेष झलकियाँ प्रकाशित की गई हैं। वे अविस्मरणीय, अद्वितीय, अनुपम पल जब हजारों साधकों के नेत्र सजल हो उठे और हृदय प्रेम विह्वल।

भक्ति धाम में किस प्रकार से यह ऐतिहासिक समारोह हर्षोल्लास से मनाया गया यह अवर्णनीय है। वाणी और लेखनी दोनों की सामर्थ्य नहीं है फिर भी आइये पढ़ते हैं इस स्वर्णिम समारोह के कुछ स्वर्णिम पलों की गाथा।

श्रीमद् सद्​गुरु सरकार की जय!

अनन्त शुभकामनाओं सहित!

विशेष विवरण

भाषाहिन्दी
शैली / रचना-पद्धतिआध्यात्मिक पत्रिका
फॉर्मेटपत्रिका
लेखकराधा गोविंद समिति
प्रकाशकराधा गोविंद समिति
आकार21.5cm X 28cm X 0.6cm
पृष्ठों की संख्या84
वजन (ग्राम)266

पाठकों के रिव्यू

  0/5