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61c080efaaf91b8f8305f27a साधन साध्य - होली 2018 - हिन्दी https://www.jkpliterature.org.in/s/61949a48ba23e5af80a5cfdd/61c1c10049c8baaf52963eb4/holi18.jpg

होली पर्व पर सभी भक्तों को हार्दिक बधाई।

हर वर्ष की भाँति इस वर्ष भी होली का पर्व विविध भक्ति के रंग लेकर प्रिय गुरुवर की मधुर स्मृतियों की पिचकारी से सबको सराबोर करने के लिए आया है।

भक्ति-भवन में साधना का गुलाल उड़ रहा है तो भक्ति-धाम में प्रेम रस प्रवाहित हो रहा है, मानो असंख्य टेसू के फूलों ने अपना रंग श्री गुरु धाम में बिखेर दिया। राधेश्यामी में लिपटे, तिलक लगाये राधे-राधे की धुन पर नाचते गाते गुरु सेवा एवं दर्शन के लिए लालायित हजारों साधक प्रेम की भीख माँग रहे हैं। गुरु निष्ठा, गुरु प्रेम, गुरु सेवा की आदर्शा महाराज श्री की तीनों सुपुत्रियाँ श्री महाराज जी के सभी प्रिय जनों को अपने स्‍नेहपाश में बाँधकर नये-नये उपाय अपनाकर श्री महाराज जी के दिव्य प्रेम का सन्देश दे रही हैं। भक्ति-धाम का कोना-कोना आज श्री महाराज जी की मधुर लीलाओं का साक्षी बनकर भक्तों को उनकी दिव्य उपस्थिति का अहसास करा रहा है। ममता एवं प्रेम लुटाती हुई प्यारी अम्मा भी भक्तों को आश्वासन दे रही हैं, मैं सदा तुम्हारे साथ हूँ।

Sadhan Sadhya - Holi 2018
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साधन साध्य - होली 2018 - हिन्दी

भाषा - हिन्दी

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विवरण

होली पर्व पर सभी भक्तों को हार्दिक बधाई।

हर वर्ष की भाँति इस वर्ष भी होली का पर्व विविध भक्ति के रंग लेकर प्रिय गुरुवर की मधुर स्मृतियों की पिचकारी से सबको सराबोर करने के लिए आया है।

भक्ति-भवन में साधना का गुलाल उड़ रहा है तो भक्ति-धाम में प्रेम रस प्रवाहित हो रहा है, मानो असंख्य टेसू के फूलों ने अपना रंग श्री गुरु धाम में बिखेर दिया। राधेश्यामी में लिपटे, तिलक लगाये राधे-राधे की धुन पर नाचते गाते गुरु सेवा एवं दर्शन के लिए लालायित हजारों साधक प्रेम की भीख माँग रहे हैं। गुरु निष्ठा, गुरु प्रेम, गुरु सेवा की आदर्शा महाराज श्री की तीनों सुपुत्रियाँ श्री महाराज जी के सभी प्रिय जनों को अपने स्‍नेहपाश में बाँधकर नये-नये उपाय अपनाकर श्री महाराज जी के दिव्य प्रेम का सन्देश दे रही हैं। भक्ति-धाम का कोना-कोना आज श्री महाराज जी की मधुर लीलाओं का साक्षी बनकर भक्तों को उनकी दिव्य उपस्थिति का अहसास करा रहा है। ममता एवं प्रेम लुटाती हुई प्यारी अम्मा भी भक्तों को आश्वासन दे रही हैं, मैं सदा तुम्हारे साथ हूँ।

विशेष विवरण

भाषा हिन्दी
शैली / रचना-पद्धति आध्यात्मिक पत्रिका
फॉर्मेट पत्रिका
लेखक परम पूज्या डॉ श्यामा त्रिपाठी
प्रकाशक राधा गोविंद समिति
आकार 21.5 सेमी X 28 सेमी X 0.4 सेमी

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