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जे के पी लिटरेचर
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619c9167a3460945dfe57b31 श्यामा श्याम गीत //d2pyicwmjx3wii.cloudfront.net/s/61949a48ba23e5af80a5cfdd/619cbe488ba7248f0dea5ccf/webp/shyama-shyam-geet.jpg

ब्रजरस से आप्लावित श्यामा श्याम गीत जगद्गुरु श्री कृपालु जी महाराज की एक ऐसी रचना है, जिसके प्रत्येक दोहे में रस का समुद्र ओतप्रोत है। इस भयानक भवसागर में दैहिक, दैविक, भौतिक दु:ख रूपी लहरों के थपेड़ों से जर्जर हुआ, चारों ओर से स्वार्थी जनों रूपी मगरमच्छों द्वारा निगले जाने के भय से आक्रान्त, अनादिकाल से विशुद्ध प्रेम व आनन्द रूपी तट पर आने के लिये व्याकुल, असहाय जीव के लिये श्रीराधाकृष्ण की निष्काम भक्ति ही सरलतम एवं श्रेष्ठतम मार्ग है। उसी पथ पर जीव को सहज ही आरूढ़ कर देने की शक्ति जगद्गुरु श्री कृपालु जी महाराज की इस अनुपमेय रसवर्षिणी रचना में है, जिसे आद्योपांत भावपूर्ण हृदय से पढ़ने पर ऐसा प्रतीत होता है जैसे रस की वृष्टि प्रत्येक दोहे के साथ तीव्रतर होती हुई अंत में मूसलाधार वृष्टि में परिवर्तित हो गई हो। श्रीराधाकृष्ण की अनेक मधुर लीलाओं का सुललित वर्णन हृदय को सहज ही श्यामा श्याम के प्रेम से सराबोर कर देता है। अधिक क्या कहा जाय, ‘श्यामा श्याम गीत’ सरल भाषा, मधुुरतम भाव व गेय पदावली की एक ऐसी त्रिवेणी है, जिसमें अवगाहन करके ही भावुक महानुभाव इसकी लोकोत्तर रमणीयता का यत्किंचित् रसास्वादन एवं जगद्गुरु श्री कृपालु जी महाराज के ‘भक्तियोगरसावतार’ स्वरूप की एक झलक प्राप्त कर सकेंगे।

Shyama Shyam Geet - Hindi
in stock INR 274
1 1

श्यामा श्याम गीत

राधाकृष्ण की सुमधुर लीलाओं पर आधारित अद्वितीय दोहों की शृंखला।
भाषा - हिन्दी

₹274
₹500   (45%छूट)
डॉलर में प्रदर्शित मूल्य अमेरिकी डॉलर में है


विशेषताएं
  • सं​क्षिप्त व्याख्या सहित दिए गए प्रत्येक दोहे, रूपध्यान हेतु अत्यंत सहायक
  • 1008 दोहों में श्री राधा कृष्ण की मधुरातिमधुर अंतरंग प्रेममयी लीलाओं की जगद्गुरूत्तम श्री कृपालु जी महाराज द्वारा एक रसवर्षिणी रचना
  • श्री राधाकृष्ण के ब्रज एवं निकुंज की लीलाओं का विस्तृत वर्णन
  • प्रेमाभक्ति, गुरु एवं धाम महिमा को अनोखे काव्यात्मक ढंग से प्रकट करने वाले सिद्धान्त के दोहे
  • भक्ति के प्रमुख लक्षण - दीनता, अनन्यता और निष्कामता को चित्रित करने वाले दोहे
प्रकार विक्रेता मूल्य मात्रा

विवरण

ब्रजरस से आप्लावित श्यामा श्याम गीत जगद्गुरु श्री कृपालु जी महाराज की एक ऐसी रचना है, जिसके प्रत्येक दोहे में रस का समुद्र ओतप्रोत है। इस भयानक भवसागर में दैहिक, दैविक, भौतिक दु:ख रूपी लहरों के थपेड़ों से जर्जर हुआ, चारों ओर से स्वार्थी जनों रूपी मगरमच्छों द्वारा निगले जाने के भय से आक्रान्त, अनादिकाल से विशुद्ध प्रेम व आनन्द रूपी तट पर आने के लिये व्याकुल, असहाय जीव के लिये श्रीराधाकृष्ण की निष्काम भक्ति ही सरलतम एवं श्रेष्ठतम मार्ग है। उसी पथ पर जीव को सहज ही आरूढ़ कर देने की शक्ति जगद्गुरु श्री कृपालु जी महाराज की इस अनुपमेय रसवर्षिणी रचना में है, जिसे आद्योपांत भावपूर्ण हृदय से पढ़ने पर ऐसा प्रतीत होता है जैसे रस की वृष्टि प्रत्येक दोहे के साथ तीव्रतर होती हुई अंत में मूसलाधार वृष्टि में परिवर्तित हो गई हो। श्रीराधाकृष्ण की अनेक मधुर लीलाओं का सुललित वर्णन हृदय को सहज ही श्यामा श्याम के प्रेम से सराबोर कर देता है। अधिक क्या कहा जाय, ‘श्यामा श्याम गीत’ सरल भाषा, मधुुरतम भाव व गेय पदावली की एक ऐसी त्रिवेणी है, जिसमें अवगाहन करके ही भावुक महानुभाव इसकी लोकोत्तर रमणीयता का यत्किंचित् रसास्वादन एवं जगद्गुरु श्री कृपालु जी महाराज के ‘भक्तियोगरसावतार’ स्वरूप की एक झलक प्राप्त कर सकेंगे।

विशेष विवरण

भाषा हिन्दी
शैली / रचना-पद्धति संकीर्तन, दोहे
विषयवस्तु सर्वोत्कृष्ट रचना, भक्ति गीत और भजन, तत्वज्ञान, रूपध्यान, ध्यान और विज़ुअलाइज़ेशन का विज्ञान
फॉर्मेट पेपरबैक
वर्गीकरण प्रमुख रचना
लेखक जगद्गुरु श्री कृपालु जी महाराज
प्रकाशक राधा गोविंद समिति
पृष्ठों की संख्या 322
वजन (ग्राम) 415
आकार 14 सेमी X 22 सेमी X 2 सेमी

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