Shri Radha Trayodashi

The beauty of Shri Radha
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Pages: 32
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वृषभानुनन्दिनी रासेश्वरी श्री राधारानी के प्रेमरस सार स्वरूप विग्रह का सांगोपांग चित्रण अत्यन्त ही आकर्षक एवं अनूठे ढंग से किया गया है। इसमें 13 पद हैं। प्रत्येक पद में मधुरातिमधुर प्रेम रस धारा प्रवाहित हो रही है। श्री राधारानी के रूपध्यान के लिए परम सहायक है अत: भक्ति मार्गीय प्रत्येक साधक के लिए परम उपयोगी है।

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