{"product_id":"sadhan-sadhya-sharat-holi-2026-hindi","title":"Sadhan Sadhya - Holi 2026 - Hindi","description":"\u003cp\u003eआज के विज्ञान के युग में संसार केवल भौतिक उन्नति की ओर भाग रहा है किन्तु मानसिक शांति का सर्वत्र अभाव दिखाई दे रहा है। ऐसी परिस्थिति में जगद्गुरूत्तम श्री कृपालु जी महाराज ने भौतिकवाद के साथ अध्यात्मवाद की अनिवार्यता बताते हुये शास्त्रसम्मत सार्वभौमिक विलक्षण दार्शनिक सिद्धान्त प्रस्तुत किया है।\u003cbr\u003eजिस प्रकार शरीर एवं शरीरी(जीव) दोनों का परस्पर समन्वयात्मक नित्य सम्बन्ध है, उसी प्रकार से अध्यात्मवाद एवं भौतिकवाद भी समान रूप से नितांत अनिवार्य है।\u003cbr\u003eउनके द्वारा उद्भूत वैदिक ज्ञान ‘कृपालु भक्तियोग तत्त्वदर्शन’ का सार यही है कि जीवन की भागदौड़ करते हुए भी सदा सर्वत्र हरि गुरु को अपने साथ समझो।\u003cbr\u003eहोली पर्व पर भक्त प्रह्लाद के दृष्टान्त द्वारा उन्होंने सदा यही उपदेश दिया कि होली केवल रंग, हुड़दंग आदि का पर्व नहीं, अपितु भगवान् की सर्वव्यापकता अनुभव करना है। यह निष्काम, अनन्य और निरन्तर भक्ति का पर्व है। \u003cbr\u003eइस साधन साध्य अंक में इन सभी विषयों का समावेश किया गया है। साथ ही शरत्पूर्णिमा साधना शिविर के अन्तर्गत मनाये गये जगदम्बा शताब्दी महोत्सव की कुछ झलकियाँ प्रस्तुत की गई हैं।\u003cbr\u003e\u003c\/p\u003e","brand":"RGPS","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":50665971515678,"sku":null,"price":200.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0867\/9020\/9822\/files\/Hindi_f520f08a-d8bd-43c3-8b8d-9b80a67ea27e.jpg?v=1772424232","url":"https:\/\/www.jkpliterature.org.in\/products\/sadhan-sadhya-sharat-holi-2026-hindi","provider":"JKP Literature","version":"1.0","type":"link"}