G-12, G-14, Plot No-4 CSC, HAF Sector-10, Dwarka 110075 New Delhi IN
JKP Literature
G-12, G-14, Plot No-4 CSC, HAF Sector-10, Dwarka New Delhi, IN
+918588825815 //cdn1.storehippo.com/s/61949a48ba23e5af80a5cfdd/621dbb04d3485f1d5934ef35/webp/logo-18-480x480.png" rgs@jkpliterature.org.in
61c080eaff78a392b42a9767 Sadhan Sadhya - Holi 2015 //cdn1.storehippo.com/s/61949a48ba23e5af80a5cfdd/61c1c10c49c8baaf5296407e/webp/holi15.jpg

होली के पावन पर्व पर सभी साधकों को हार्दिक बधाई!

यह पर्व निष्काम प्रेम की ओर प्रेरित करता है तथा सभी साधकों को सन्देश देता है कि भगवान् सर्वव्यापक है। एक क्षण भी उन्हें न भूलो, सदा सर्वत्र अपने साथ अनुभव करो। यही तत्त्वज्ञान हमारे परम आराध्य जगद्गुरु श्री कृपालु जी महाराज द्वारा हमें विभिन्न रूपों में प्रदान किया गया। पुस्तकों के अतिरिक्त, कभी प्रवचन के द्वारा, तो कभी संकीर्तन के माध्यम से, तो कभी अन्य उपाय अपनाकर हास परिहास में उन्होंने हर साधक के मस्तिष्क में यह शास्त्रीय सिद्धान्त भरने का भागीरथ प्रयास किया कि हरि गुरु को सदा सर्वत्र अपने साथ समझो। आज उनकी दिव्य वाणी का पुन: पुन: श्रवण हमारे लिए अन्त:करण शुद्धि का सर्वश्रेष्ठ साधन है।

सभी पाठकों से विनम्र निवेदन है कि होली साधना पूर्ण मनोयोग के साथ श्रीमहाराज जी द्वारा बताये गये साधना के नियमों का पूर्णतया पालन करते हुये करें। जिससे भक्तियोगरसावतार सद्गुरु सरकार का पुन: भक्ति-धाम में अवतरण हो जाय।

सद्गुरु श्री चरणों में कोटि कोटि प्रणाम।

Sadhan Sadhya - Holi 2015
in stockUSD 70
1 1
Sadhan Sadhya Holi 2015

Sadhan Sadhya - Holi 2015

Language - Hindi

$2.1
$3   (30%OFF)
Price displayed in Dollars is in US Dollars


VARIANTSELLERPRICEQUANTITY

Description

होली के पावन पर्व पर सभी साधकों को हार्दिक बधाई!

यह पर्व निष्काम प्रेम की ओर प्रेरित करता है तथा सभी साधकों को सन्देश देता है कि भगवान् सर्वव्यापक है। एक क्षण भी उन्हें न भूलो, सदा सर्वत्र अपने साथ अनुभव करो। यही तत्त्वज्ञान हमारे परम आराध्य जगद्गुरु श्री कृपालु जी महाराज द्वारा हमें विभिन्न रूपों में प्रदान किया गया। पुस्तकों के अतिरिक्त, कभी प्रवचन के द्वारा, तो कभी संकीर्तन के माध्यम से, तो कभी अन्य उपाय अपनाकर हास परिहास में उन्होंने हर साधक के मस्तिष्क में यह शास्त्रीय सिद्धान्त भरने का भागीरथ प्रयास किया कि हरि गुरु को सदा सर्वत्र अपने साथ समझो। आज उनकी दिव्य वाणी का पुन: पुन: श्रवण हमारे लिए अन्त:करण शुद्धि का सर्वश्रेष्ठ साधन है।

सभी पाठकों से विनम्र निवेदन है कि होली साधना पूर्ण मनोयोग के साथ श्रीमहाराज जी द्वारा बताये गये साधना के नियमों का पूर्णतया पालन करते हुये करें। जिससे भक्तियोगरसावतार सद्गुरु सरकार का पुन: भक्ति-धाम में अवतरण हो जाय।

सद्गुरु श्री चरणों में कोटि कोटि प्रणाम।

Specifications

LanguageHindi
GenreSpiritual Magazine
FormatMagazine
AuthorHH Dr Shyama Tripathi
PublisherRadha Govind Samiti
Dimension21.5cm X 28cm X 0.4cm

Readers Reviews

  0/5