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9789390373093 633a6f952cc23e12e47094da ब्रजरस त्रयोदशी https://www.jkpliterature.org.in/s/61949a48ba23e5af80a5cfdd/648b153de87308d6ffc86076/braj-ras-tryodashi.jpg

ब्रजरस त्रयोदशी के तेरह दोहे, ‘प्रेम मन्दिर’ वृन्दावन में गर्भ गृह के एक ओर लिखे गये हैं। भक्ति-शतक नामक ग्रन्थ जो आचार्य श्री के द्वारा सौ दोहों में लिखा गया एक अद्वितीय ग्रन्थ है, जिसमें भक्ति सम्बन्धी सम्पूर्ण तत्वज्ञान को उन्होंने भर दिया है। उस ग्रन्थ के भी सार स्वरूप हैं ये तेरह दोहे जिन्हें आचार्य श्री ने स्वयं ही चयन किया है और प्रेम मन्दिर में अंकित करवाया है।

Braj-Ras-Trayodashi-hindi
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ब्रजरस त्रयोदशी

श्री कृष्ण लीला रस
भाषा - हिन्दी

$1.33
$1.81   (27%छूट)


विशेषताएं
  • इस पुस्तक में दिए गए तेरह दोहों में भक्ति का सम्पूर्ण ज्ञान समाहित है।
  • इन त्रयोदश पंक्तियों को जगदगुरु श्री कृपालु जी ने स्वयं चुना है।
  • ये पंक्तियाँ जगद्गुरु श्री कृपालु जी के महान भक्ति शतक ग्रन्थ के सार को संक्षेप में दर्शाती हैं।
  • इन्हें प्रेम मंदिर की भव्य दीवारों में सम्मानपूर्वक स्थापित किया गया है।
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प्रकार विक्रेता मूल्य मात्रा

विवरण

ब्रजरस त्रयोदशी के तेरह दोहे, ‘प्रेम मन्दिर’ वृन्दावन में गर्भ गृह के एक ओर लिखे गये हैं। भक्ति-शतक नामक ग्रन्थ जो आचार्य श्री के द्वारा सौ दोहों में लिखा गया एक अद्वितीय ग्रन्थ है, जिसमें भक्ति सम्बन्धी सम्पूर्ण तत्वज्ञान को उन्होंने भर दिया है। उस ग्रन्थ के भी सार स्वरूप हैं ये तेरह दोहे जिन्हें आचार्य श्री ने स्वयं ही चयन किया है और प्रेम मन्दिर में अंकित करवाया है।

विशेष विवरण

भाषा हिन्दी
शैली / रचना-पद्धति सिद्धांत
विषयवस्तु तत्वज्ञान
फॉर्मेट पेपरबैक
वर्गीकरण प्रवचन
लेखक जगद्गुरु श्री कृपालु जी महाराज
प्रकाशक राधा गोविंद समिति
आई.एस.बी.एन. 9789390373093

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