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Prema Rasa Siddhanta - 2 Ishvara Ka Svarupa

The nature of God
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$ 1.50
Pages: 9

इस अध्याय में वेदों शास्त्रों के प्रमाणों द्वारा ईश्वर का स्वरूप समझाया गया है। वेद अनादि हैं और ईश्वर के श्वास से प्रकट हुए हैं। जो वेद को नहीं जानता वह ईश्वर को नहीं जान सकता। अतः वेदों द्वारा ही यह बताया गया कि जो यह समझता है कि ईश्वर समझने का विषय है वह नहीं समझता एवं जो यह समझता है कि ईश्वर समझने का विषय नहीं है वह ईश्वर को समझता है। अर्थात् ईश्वर को कोई नहीं समझ सकता। ईश्वर इन्द्रिय, मन और बुद्धि से सर्वथा परे है। अतएव इन्द्रिय, मन, बुद्धि से ईश्वर को नहीं समझा जा सकता। फिर प्रश्न आता है कि जब बुद्धि से भी ईश्वर को नहीं समझा जा सकता तो हम कैसे आशा करें कि वह हमारी समझ में आ जायगा?

किन्तु आगे यह भी बताया गया कि अनन्त जीवों ने ईश्वर को समझा है। वो कैसे? यह अगले अध्याय में बताया जायगा।