Practical Sadhana

Practical Guidelines for Spiritual Practice
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Pages: 88
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वेदमार्गप्रतिष्ठापनाचार्य जगद्गुरु श्री कृपालु जी महाराज द्वारा जो साधना की पद्धति बताई गई है, उसके अनुसार अभ्यास करके करोड़ों साधकों को आध्यात्मिक लाभ हो रहा है। दम्भ, पाखण्ड, कोरे कर्मकाण्ड सबका निर्भिकता पूर्वक खण्डन करते हुए उन्होंने अत्यधिक सरल भक्तियोग साधना का निरूपण किया है। जो शास्त्र वेद सम्मत है। संसार की भाग दौड़ करते हुए किस प्रकार से मन भगवान् में लगाया जाय, इसका पूर्णतया वैज्ञानिक एवं मनोवैज्ञानिक रूप से विश्लेषण करते हुए सीधा सच्चा मार्ग बताया है। इनके अनुसार रूपध्यान साधना का प्राण है। साधना में अनन्यता, निष्कामता और निरन्तरता परमावश्यक है। प्रस्तुत पुस्तक में संक्षेप में उनके द्वारा बतायी गई साधना पद्धति का निरूपण है।

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