Holi 2020

The teachings and works inspired by Jagadguru Shri Kripalu Ji Maharaj
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Pages: 64
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होली के पावन पर्व पर सभी साधकों को हार्दिक बधाई।
होली के पावन पर्व को मनाने का उद्​देश्य रंग गुलाल सेखेलना, हुड़दंग बाजी करना, पूरी पकवान खाना इत्यादि ही नहीं है। यह पर्व निष्काम प्रेम का पर्व है एवं भगवान् की सर्वव्यापकता अनुभव करने का पर्व है, भक्ति की विजय का 

उत्सव है। भक्त प्रह्लाद के अलौकिक चरित्र का स्मरण करते हुए सांसारिक कामनाओं को केवल हरि गुरु की ओर मोड़ना है तथा यह विश्वास दृढ़ करना है कि भगवान् सदा सर्वत्र कण-कण में व्याप्त हैं। यही होली मनाने का वास्तविक उद्​देश्य है।

अनन्त शुभकामनाओं सहित

- राधा गोविंद समिति

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