Holi 2017

The teachings and works inspired by Jagadguru Shri Kripalu Ji Maharaj
Availability: In stock
Pages: 60
*
*

भारतीय धर्म, संस्कृति, ज्ञान भक्ति के जीवन्त स्वरूप परमप्रिय श्री गुरुवर को कोटि कोटि प्रणाम। समस्त शास्त्रों वेदों पुराणों अन्यान्य धर्म ग्रन्थों के सार स्वरूप प्रेम रस सिद्धान्त का प्रतिपादन करने वाले भगवत्स्वरूप गुरुवर की महिमा अपरम्पार है। उनकी करुणा का विलास अनन्त है। वह सनातन गुरु हैं
आज भी अपने विविध रूपों में हमारा मार्ग दर्शन कर रहे हैं। उनके द्वारा प्रारम्भ की गई, समस्त जनकल्याणकारी योजनायें उनकी तीनों सुपुत्रियों के नेतृत्व में अबाध गति से आगे बढ़ रही हैं। उनके कृतित्व, व्यक्तित्व और विलक्षण दार्शनिक सिद्धान्त के लिए सम्पूर्ण विश्व चिरकाल तक उनका ऋणी रहेगा।
वेदों शास्त्रों के अनमोल खजाने को विविध रूपों में प्रकट करके उन्होंने विश्व का महान उपकार किया है।

Recently viewed Books