Holi 2015

The teachings and works inspired by Jagadguru Shri Kripalu Ji Maharaj
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Pages: 60
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होली के पावन पर्व पर सभी साधकों को
हार्दिक बधाई!

यह पर्व निष्काम प्रेम की ओर प्रेरित करता है तथा सभी साधकों को सन्देश देता है कि भगवान् सर्वव्यापक है। एक क्षण भी उन्हें न भूलो, सदा सर्वत्र अपने साथ अनुभव करो। यही तत्त्वज्ञान हमारे परम आराध्य जगद्​गुरु श्री कृपालु जी महाराज द्वारा हमें विभिन्न रूपों में प्रदान किया गया। पुस्तकों के अतिरिक्त, कभी प्रवचन के द्वारा, तो कभी संकीर्तन के माध्यम से, तो कभी अन्य उपाय अपनाकर हास परिहास में उन्होंने हर साधक के मस्तिष्क में यह शास्त्रीय सिद्धान्त भरने का भागीरथ प्रयास किया कि हरि गुरु को सदा सर्वत्र अपने साथ समझो। आज उनकी दिव्य वाणी का पुन: पुन: श्रवण हमारे लिए अन्त:करण शुद्धि का सर्वश्रेष्ठ साधन है।

सभी पाठकों से विनम्र निवेदन है कि होली साधना पूर्ण मनोयोग के साथ श्रीमहाराज जी द्वारा बताये गये साधना के नियमों का पूर्णतया पालन करते हुये करें। जिससे भक्तियोगरसावतार सद्​गुरु सरकार का पुन: भक्ति-धाम में अवतरण हो जाय।

सद्​गुरु श्री चरणों में कोटि कोटि प्रणाम।

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