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जे के पी लिटरेचर
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ब्रजरस से ओतप्रोत ‘युगल माधुरी’ श्यामा-श्याम संकीर्तन संग्रह है। ब्रजरसिकों ने जिस श्री राधा-कृष्ण प्रेम माधुरी का वर्णन अपने साहित्य में किया है उसी दिव्य प्रेम रस को श्री महाराज जी ने अपने कीर्तनों में पूर्ण रूपेण समाविष्ट कर दिया है जिसका श्रवण, मनन व कीर्तन भावुक भक्तों के हृदयों को श्यामा-श्याम की प्रेम रस माधुरी से परिप्लुत कर देता है। इस पुस्तक की विशेषता यह है कि संकीर्तनों में ब्रजरस का सिद्धान्त पक्ष भी है और लीला पक्ष भी है। श्री कृष्ण तत्व, श्री राधा तत्व, भक्ति तत्व तथा गुरुतत्व जैसे गंभीर विषयों का निरूपण अत्यधिक सरसता से किया गया है।

Yugal Madhuri - Hindi
in stockINR 147
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युगल माधुरी

युगल माधुरी

राधाकृष्ण के प्रेम से ओतप्रोत मनभावन संकीर्तन
भाषा - हिन्दी

₹147
₹300   (51%छूट)
डॉलर में प्रदर्शित मूल्य अमेरिकी डॉलर में है


विशेषताएं
  • जगद्गुरूत्तम श्री कृपालु जी महाराज द्वारा ब्रजरस से आप्लावित भजन
  • गुरु तत्व और भक्ति तत्व से पूर्ण भक्ति गीत
  • भक्ति के प्रमुख उद्देश्य और व्यावहारिक जीवन में इनके उपयोग का स्पष्टीकरण
  • श्री राधाकृष्ण, उनका दिव्य प्रेम और उनकी ब्रज की लीलाओं का मनमोहक वर्णन
  • दैन्य, भक्ति और कृतज्ञता के गीत
प्रकारविक्रेतामूल्यमात्रा

विवरण

ब्रजरस से ओतप्रोत ‘युगल माधुरी’ श्यामा-श्याम संकीर्तन संग्रह है। ब्रजरसिकों ने जिस श्री राधा-कृष्ण प्रेम माधुरी का वर्णन अपने साहित्य में किया है उसी दिव्य प्रेम रस को श्री महाराज जी ने अपने कीर्तनों में पूर्ण रूपेण समाविष्ट कर दिया है जिसका श्रवण, मनन व कीर्तन भावुक भक्तों के हृदयों को श्यामा-श्याम की प्रेम रस माधुरी से परिप्लुत कर देता है। इस पुस्तक की विशेषता यह है कि संकीर्तनों में ब्रजरस का सिद्धान्त पक्ष भी है और लीला पक्ष भी है। श्री कृष्ण तत्व, श्री राधा तत्व, भक्ति तत्व तथा गुरुतत्व जैसे गंभीर विषयों का निरूपण अत्यधिक सरसता से किया गया है।

विशेष विवरण

भाषाहिन्दी
शैली / रचना-पद्धतिसंकीर्तन
विषयवस्तुसर्वोत्कृष्ट रचना, भक्ति गीत और भजन, तत्वज्ञान, रूपध्यान
फॉर्मेटपेपरबैक
वर्गीकरणप्रमुख रचना
लेखकजगद्गुरु श्री कृपालु जी महाराज
प्रकाशकराधा गोविंद समिति
पृष्ठों की संख्या221
वजन (ग्राम)204
आकार12.5 सेमी X 18 सेमी X 1.4 सेमी

पाठकों के रिव्यू

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