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जे के पी लिटरेचर
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619c916811eb882ab023ed17 श्री कृष्ण द्वादशी //d2pyicwmjx3wii.cloudfront.net/s/61949a48ba23e5af80a5cfdd/619cbe66a1e5468eb85be3b4/webp/psd-here.jpg

इस पुस्तक में 12 पद हैं। जिनमें आनन्द कंद सच्चिदानंद श्रीकृष्णचन्द्र के सांगोपांग शास्त्रीय रूपध्यान का दिग्दर्शन कराया गया है। प्रत्येक अंग का सौन्दर्य चित्रण इतना मनोहारी है कि बहुत कम प्रयास से साधक के मानस पटल पर श्री कृष्ण की सजीव झाँकी अंकित हो जाती है। अत: प्रत्येक साधक के लिये परम उपयोगी है।

Shri Krishna Dvadashi - Hindi
in stock USD 168
1 1

श्री कृष्ण द्वादशी

रूपध्यान के लिये श्रीकृष्ण के प्रत्येक अंग का शास्त्रानुसार सौन्दर्य चित्रण
भाषा - हिन्दी

$10.5
$15.63   (33%छूट)
डॉलर में प्रदर्शित मूल्य अमेरिकी डॉलर में है


विशेषताएं
  • जगद्गुरूत्तम श्री कृपालु जी महाराज द्वारा श्री कृष्ण की सुंदरता एवं अद्वितीय गुणों का शास्त्रीय वर्णन कर रहे भावार्थ सहित 12 उत्कृष्ट पद
  • भावार्थसहित लिखा गया प्रत्येक पद पाठकों को श्री कृष्ण के रूपध्यान के लिये सहायक
  • पहली बार श्री कृष्ण के दिव्य आभूषणों और अलंकरणों का इतना स्पष्ट एवं सजीव चित्रण
  • श्री कृष्ण एवं श्री कृपालु जी महाराज के अनुपम और मनमोहक चित्र
  • पुस्तक के अंत में जगद्गुरूत्तम श्री कृपालु जी महाराज का संक्षिप्त परिचय और उनकी अब तक की प्रकाशित पुस्तकों का सारांश
प्रकार विक्रेता मूल्य मात्रा

विवरण

इस पुस्तक में 12 पद हैं। जिनमें आनन्द कंद सच्चिदानंद श्रीकृष्णचन्द्र के सांगोपांग शास्त्रीय रूपध्यान का दिग्दर्शन कराया गया है। प्रत्येक अंग का सौन्दर्य चित्रण इतना मनोहारी है कि बहुत कम प्रयास से साधक के मानस पटल पर श्री कृष्ण की सजीव झाँकी अंकित हो जाती है। अत: प्रत्येक साधक के लिये परम उपयोगी है।

विशेष विवरण

भाषा हिन्दी
शैली / रचना-पद्धति संकीर्तन
विषयवस्तु सर्वोत्कृष्ट रचना, भक्ति गीत और भजन, तत्वज्ञान, रूपध्यान, छोटी किताब
फॉर्मेट पेपरबैक
वर्गीकरण प्रमुख रचना
लेखक जगद्गुरु श्री कृपालु जी महाराज
प्रकाशक राधा गोविंद समिति
पृष्ठों की संख्या 32
वजन (ग्राम) 103
आकार 22 सेमी X 14.5 सेमी X 0.3 सेमी

पाठकों के रिव्यू

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