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पुस्तक के नाम से ही पुस्तक का आशय स्पष्ट है। हर साधक को हर समय सावधान रहना है ताकि जो उसने कमाया वह गमाया न जाय। जैसे जब कोई किसी शहर में साइकिल चलाता है- कहाँ जाना है यह भी याद है, पीछे से गाड़ी आ रही है बायें कर लो, बायें मोटर साइकिल जा रही है बीच में रखो, अब खड़ी कर दो भाई अब खतरा ज्यादा है, हर समय सावधान रहते हैं आप। जरा सी आपने गड़बड़ की, लापरवाही की, हुआ एक्सीडैन्ट। आप मर गये या हाथ पैर टूटा फ्रैक्चर हो गया लेकिन वहाँ आप सावधान रहते हैं क्याेंकि उसकी इम्पॉर्टेन्स है आपके मस्तिष्क में और भगवद् विषय का महत्त्व नहीं समझते आप इसलिये वहाँ लापरवाही चल रही है।

श्री महाराज ने कुछ साधकों को व्यक्तिगत रूप से समझाया है कि साधक को किस प्रकार सावधान रहना चाहिये। वही इस पुस्तक में प्रकाशित किया जा रहा है।

यह पुस्तक सभी साधकों के लिए अत्यधिक उपयोगी है।

Sadhak Savdhani - Hindi
in stockINR 60
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साधक सावधानी

साधक सावधानी

साधना में आने वाली बाधाओं को दूर करने का अचूक उपाय।
भाषा - हिन्दी

₹60


विशेषताएं
  • सांसारिक प्रपंचों के बीच में रहकर भक्ति कैसे करें?
  • अपनी आध्यात्मिक कमाई कैसे बढ़ाएं और उसे कैसे सुरक्षित रखें?
  • साधना में लापरवाही से होने वाले नुकसान और उससे सावधान रहने हेतु बताये गये उपदेश
  • एक दोष जो हमें साधना में आगे नहीं बढ़ने दे रहा है।
  • साधकों का संसार के प्रति व्यवहार क्या होना चाहिये एवं उसमें क्या सावधानियाँ रखना है?
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प्रकारविक्रेतामूल्यमात्रा

विवरण

पुस्तक के नाम से ही पुस्तक का आशय स्पष्ट है। हर साधक को हर समय सावधान रहना है ताकि जो उसने कमाया वह गमाया न जाय। जैसे जब कोई किसी शहर में साइकिल चलाता है- कहाँ जाना है यह भी याद है, पीछे से गाड़ी आ रही है बायें कर लो, बायें मोटर साइकिल जा रही है बीच में रखो, अब खड़ी कर दो भाई अब खतरा ज्यादा है, हर समय सावधान रहते हैं आप। जरा सी आपने गड़बड़ की, लापरवाही की, हुआ एक्सीडैन्ट। आप मर गये या हाथ पैर टूटा फ्रैक्चर हो गया लेकिन वहाँ आप सावधान रहते हैं क्याेंकि उसकी इम्पॉर्टेन्स है आपके मस्तिष्क में और भगवद् विषय का महत्त्व नहीं समझते आप इसलिये वहाँ लापरवाही चल रही है।

श्री महाराज ने कुछ साधकों को व्यक्तिगत रूप से समझाया है कि साधक को किस प्रकार सावधान रहना चाहिये। वही इस पुस्तक में प्रकाशित किया जा रहा है।

यह पुस्तक सभी साधकों के लिए अत्यधिक उपयोगी है।

विशेष विवरण

भाषाहिन्दी
शैली / रचना-पद्धतिसिद्धांत
विषयवस्तुछोटी किताब, प्रैक्टिकल साधना, तनाव और डिप्रेशन रहित जीवन, अभ्यास की शक्ति
फॉर्मेटपेपरबैक
वर्गीकरणप्रवचन
लेखकजगद्गुरु श्री कृपालु जी महाराज
प्रकाशकराधा गोविंद समिति
पृष्ठों की संख्या74
वजन (ग्राम)74
आकार12.5 सेमी X 18 सेमी X 0.5 सेमी
आई.एस.बी.एन.9788194238683

पाठकों के रिव्यू

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