Your browser does not support JavaScript!

G-12, G-14, Plot No-4 CSC, HAF Sector-10, Dwarka 110075 New Delhi IN
जे के पी लिटरेचर
G-12, G-14, Plot No-4 CSC, HAF Sector-10, Dwarka New Delhi, IN
+918588825815 //d2pyicwmjx3wii.cloudfront.net/s/61949a48ba23e5af80a5cfdd/621dbb04d3485f1d5934ef35/webp/logo-18-480x480.png" rgs@jkpliterature.org.in
619c917b3201b1458229ab08 गुरु शरणागति //d2pyicwmjx3wii.cloudfront.net/s/61949a48ba23e5af80a5cfdd/638480ebc51ed47326aee50d/webp/415.jpg

विश्व का प्रत्येक जीव एकमात्र नित्यानन्द की ही खोज में है किन्तु अनन्तानन्त जन्मों के अनवरत प्रयास के पश्चात् भी उस आनन्द का लवलेश भी प्राप्त न हो सका। क्योंकि यह आनन्द केवल भगवान् को जानकर ही प्राप्त होगा। भगवान् को जानने के लिये किसी श्राेत्रिय ब्रह्मनिष्ठ महापुरुष की शरणागति परमावश्यक है। अहंकार के कारण हम आज तक किसी महापुरुष के शरणागत नहीं हुए।

यह शरणागति क्या है और किस प्रकार श्रोत्रिय ब्रह्मनिष्ठ गुरु के शरणागत होकर जीव आगे बढ़ सकता है, इत्यादि विषय अत्यधिक महत्वपूर्ण हैं। आचार्य श्री ने इस विषय पर सैकड़ों प्रवचन दिये हैं जो हमारी एक अमूल्य निधि है किन्तु दैनिक जीवन की भाग दौड़ करते हुए सम्भव नहीं है कि हम उनके सभी प्रवचन सुन सकें। अतः उनके गुरु शरणागति सम्बन्धी प्रवचनों के प्रमुख प्रमुख अंशों को पुस्तक रूप में संकलित किया गया है। जो हर साधक के लिये परमोपयोगी है और परमावश्यक भी है। जिससे वह दम्भी गुरुओं के चंगुल से बचकर सही गुरु के शरणागत हो सके।

Guru Sharanagati - Hindi
in stock USD 116
1 5

गुरु शरणागति

सर्वप्रथम गुरु की शरणागति क्यों आवश्यक है?
भाषा - हिन्दी

$7.25
$9.38   (23%छूट)
डॉलर में प्रदर्शित मूल्य अमेरिकी डॉलर में है


विशेषताएं
  • ये गुरु शरणागति क्या है? यह क्यों आवयश्यक है?
  • हम क्यों भगवान् एवं गुरु के शरणागत हों? क्या है शरणागति?
  • पूर्ण शरणागत हो जाने पर क्या होता है? जानिये शरणागति का विज्ञान।
  • गुरु के शरणागत होने से पूर्व इन बातो को सदा याद रखें।
  • यदि गुरु की शरण में जा रहे हो तो इसे एक बार जरूर पढ़े।
प्रकार विक्रेता मूल्य मात्रा

विवरण

विश्व का प्रत्येक जीव एकमात्र नित्यानन्द की ही खोज में है किन्तु अनन्तानन्त जन्मों के अनवरत प्रयास के पश्चात् भी उस आनन्द का लवलेश भी प्राप्त न हो सका। क्योंकि यह आनन्द केवल भगवान् को जानकर ही प्राप्त होगा। भगवान् को जानने के लिये किसी श्राेत्रिय ब्रह्मनिष्ठ महापुरुष की शरणागति परमावश्यक है। अहंकार के कारण हम आज तक किसी महापुरुष के शरणागत नहीं हुए।

यह शरणागति क्या है और किस प्रकार श्रोत्रिय ब्रह्मनिष्ठ गुरु के शरणागत होकर जीव आगे बढ़ सकता है, इत्यादि विषय अत्यधिक महत्वपूर्ण हैं। आचार्य श्री ने इस विषय पर सैकड़ों प्रवचन दिये हैं जो हमारी एक अमूल्य निधि है किन्तु दैनिक जीवन की भाग दौड़ करते हुए सम्भव नहीं है कि हम उनके सभी प्रवचन सुन सकें। अतः उनके गुरु शरणागति सम्बन्धी प्रवचनों के प्रमुख प्रमुख अंशों को पुस्तक रूप में संकलित किया गया है। जो हर साधक के लिये परमोपयोगी है और परमावश्यक भी है। जिससे वह दम्भी गुरुओं के चंगुल से बचकर सही गुरु के शरणागत हो सके।

विशेष विवरण

भाषा हिन्दी
शैली / रचना-पद्धति सिद्धांत
विषयवस्तु गुरु - सच्चा आध्यात्मिक पथ प्रदर्शक, तत्वज्ञान
फॉर्मेट पेपरबैक
वर्गीकरण संकलन
लेखक जगद्गुरु श्री कृपालु जी महाराज
प्रकाशक राधा गोविंद समिति
पृष्ठों की संख्या 144
वजन (ग्राम) 179
आकार 14 सेमी X 22 सेमी X 1 सेमी

पाठकों के रिव्यू

  0/5

1 समीक्षा

very useful!
deepti
Dec 4, 2022 6:48:59 AM