Guru Purnima 2015

The teachings and works inspired by Jagadguru Shri Kripalu Ji Maharaj
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Pages: 60
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गुरु-पूर्णिमा के पावन-पर्व पर
सभी गुरु चरणानुरागियों को हार्दिक शुभकामना।

गुरु: कृपालुर्मम शरणं, वन्देऽहं सद्​गुरु चरणम्।

अज्ञानान्धकार में डूबे दैहिक, दैविक, भौतिक तापों से तप्त जीवों को शाश्वत सुख शान्ति प्रदान करने वाले सद्​गुरु देव के चरणों में कोटि कोटि प्रणाम। उनकी कथा लीला गुणावलि का गुण गान साधन और उनकी नित्य सेवा साध्य है। ऐसे भगवत्स्वरूप गुरुवर ने जिस प्रेम रस सिद्धान्त का निरूपण किया वह युगों युगों तक जीवों को अध्यात्म पथ पर अग्रसर करता रहेगा।

सनातनवैदिकधर्मप्रतिष्ठापनसत्सम्प्रदायपरमाचार्य जगद्​गुरु श्री कृपालु जी महाराज द्वारा जो भी ज्ञान दिया गया वह किसी भी धर्म, किसी भी जाति, किसी भी सम्प्रदाय से बाधित नहीं है हर किसी के आध्यात्मिक एवं भौतिक उत्थान के लिये हैं।

सद्​गुरु श्री चरणों में कोटि कोटि प्रणाम।

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